रविवार, 24 अगस्त 2008

कहानी-वापसी……(डा0 मेराज अहमद की आवाज़ में)

वापसी
आशा और विश्वाश की कहानी, "वापसी" एक ऐसे आदमी की ज़िन्दगी की दासतान है जो चालीस साल बाद अपनी ज़मीन पर लौटकर आता है। उसके ज़िन्दगी के प्रति सकारात्मक रवैये के कारण उसकी जड़ें ज़मीन पकड़ लेती हैं। वह अपनी बाक़ी ज़िन्दगी को क्या खूब जीता है और भरपूर जीता है।

लेखक: डा0 मेराज अहमद
स्वर: डा0 मेराज अहमद

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