गुरुवार, 14 अगस्त 2008

पल दो पल हैं प्यार के……(नुसरत फ़तेह अली खां की आवाज़ में)

नुसरत
जैसे जीवन प्यार सजावे, जैसे फूल से खुशबू आवे
होती है प्रीत दिल हार के, दुनियां है सूनी बिन यार के
पल दो पल हैं प्यार के………

गायक: नुसरत फ़तेह अली खां

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