शनिवार, 2 अगस्त 2008

अन्तराल-कहानी

अन्तराल
कहानी: अन्तराल
लेखक: मेराज अहमद
स्वर: मेराज अहमद
यह कहानी पीढ़ी अन्तराल से उपजी द्वन्द्व भरी मानसिकता का उद्घाटन करती है, लेकिन इसका खास पहलू यह है कि इसमें जीवन के सकारात्मक आयामों की अभिव्यक्ति को तरजीह दी गई है।

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