गुरुवार, 9 अक्तूबर 2008

समझ सके न लोग सयाने…(नुसरत फ़तेह अली खान की आवाज़)

नुसरत
समझ सके न लोग सयाने इश्क़ का रुतबा इश्क़ ही जाने
इस दुनियां का खेल रचाया श्क़ की खातिर आप खुदा ने

गायक:नुसरत फ़तेह अली खान

1 टिप्पणी:

आपकी टिप्पणियों का स्वागत है!