शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2009

अनुदर्शन…कुमार आदित्य की अवाज़, कवि महेन्द्रभटनागर


उड गये ज़िंदगी के बरस रे कई राग सूनी अभावों भरी।
लओ कर आयेगा अब नहीं जो धूल मे धूप मे खो गया॥

गायक:कुमार आदित्य
कवि: महेन्द्र भटनागर

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