बुधवार, 18 फ़रवरी 2009

तेरा चेहरा है आईने जैसा…जगजीत सिंह की अवाज़

तेरा चेहरा है आईने जैसा
क्यूं न देखूं है देखने जैसा

गयक: जगजीत सिंह

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