मंगलवार, 24 मार्च 2009

फिर छिडी रात बात फूलों की-ग़ज़ल: रात फूलों की

फूल
फिर छिडी रात बात फूलों की रात है या बारात फूलों की
फूल के हार फूल के गजरे शाम फूलों की रात फूलों की

ग़ज़ल:रात फूलों की
गायिका/ गायक: लता मंगेशकर, तलत अज़ीज़

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