शुक्रवार, 13 नवंबर 2009

मुझे फूल सब्र करने…मुन्नी बेगम

मुझे फूल सब्र करने मुझे बाग़बाँ भुला्दे
के क़फ़स में तंग आकर मेरे और हैं इरादे

गायिका: मुन्नी बेगम

3 टिप्‍पणियां:

  1. अभी तो आप ही कहते है
    कितना खुब कहते है
    जो दिल मे आये कहते है
    जो हो मत्लुक कहते है
    मगर जुब आप की सिरत से
    सारी गुफ़्तगु हो ले
    तो ये याद रखना
    अभी तक हम नही बोले!!

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